Rashtriya Sahara
19 Oct '23

शिव-शक्ति

Acharya Prashant

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शिव-शक्ति
आचार्य प्रशांत ने राष्ट्रीय सहारा में लिखा है कि नवरात्रि का समय शक्ति की समझ के लिए उपयुक्त है। वे बताते हैं कि शिव केंद्र और शिव सत्य का मतलब है कि शिव शाश्वत सत्य और शांति का प्रतीक हैं। वहीं, शक्ति जीवन का प्रतीक है, जो जीवन को ऊर्जा और गति प्रदान करती है। आचार्य प्रशांत के अनुसार, नवरात्रि के अवसर पर हमें शक्ति की इस महत्वपूर्ण भूमिका को समझना चाहिए और इसे अपनी जीवन यात्रा में एक मार्गदर्शक के रूप में स्वीकार करना चाहिए। यह सारांश AI द्वारा तैयार किया गया है। इसे पूरी तरह समझने के लिए कृपया पूरा लेख पढ़ें।

आचार्य प्रशांत ने राष्ट्रीय सहारा में लिखा है कि नवरात्रि का समय शक्ति की समझ के लिए उपयुक्त है। वे बताते हैं कि शिव केंद्र और शिव सत्य का मतलब है कि शिव शाश्वत सत्य और शांति का प्रतीक हैं। वहीं, शक्ति जीवन का प्रतीक है, जो जीवन को ऊर्जा और गति प्रदान करती है। आचार्य प्रशांत के अनुसार, नवरात्रि के अवसर पर हमें शक्ति की इस महत्वपूर्ण भूमिका को समझना चाहिए और इसे अपनी जीवन यात्रा में एक मार्गदर्शक के रूप में स्वीकार करना चाहिए।

This article has been created by volunteers of the PrashantAdvait Foundation from transcriptions of sessions by Acharya Prashant
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