रात और चाँद

रात और चाँद

आचार्य जी द्वारा रचित कविताएँ
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eBook Details
Hindi Language
Description
आचार्य प्रशांत द्वारा रचित अजर व रमणीय कविताओं को इस पुस्तक में एकत्रित किया गया है।

मध्यरात्रि होने पर जब संसार प्रगाढ़ निद्रावस्था में लीन होता था तब उनकी कलम से प्रादुर्भूत होती ये कविताएँ जीवन के यथार्थ दर्शन का अति सुलभ रूप में चित्रण करती थीं।

ये कविताएँ चाँद की भाँति इस तमोमय संसार में उस स्रोत की ओर इंगित करती हैं जो स्वयं चाँद को प्रकाशित करता है।
Index
CH1
मैं चुप हूँ (1995)
CH2
असुर – अवतार (1995)
CH3
मैं (जून 1995)
CH4
इंसान (अक्टूबर 1995)
CH5
तलाश (अक्टूबर 1995)
CH6
दार्शनिकता(अक्टूबर 1995)
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