CH1
कृष्ण को चुनने दो कि कृष्ण का संदेश कौन सुनेगा
CH2
जगते में जागे नहीं सोते नहीं सोए, वही जाने कृष्ण को दूजा न कोय
CH3
तीन मार्ग- ध्यानयोग, कर्मयोग, ज्ञानयोग
CH4
ज्ञानमार्ग, भक्तिमार्ग और कर्ममार्ग – हमारे लिए कौन सा उचित है?
CH5
तुम ही मीरा, तुम ही कृष्ण